📘 Chapter 1
Introduction to Communication
Topic 1.1: Meaning and Definition of Communication
संप्रेषण का अर्थ और परिभाषा

(A) संप्रेषण का अर्थ (Meaning of Communication)

🔹 “संप्रेषण” शब्द सं + प्रेषण से बना है।

  • ‘सं’ = साथ-साथ, मिलकर

  • ‘प्रेषण’ = भेजना

इसका शाब्दिक अर्थ हुआ –
“साथ-साथ भेजना” या “मिल-जुलकर संदेश भेजना”

🔹 व्यावहारिक अर्थ में –
संप्रेषण वह प्रक्रिया है जिसमें एक व्यक्ति (प्रेषक) अपनी विचारधारा, भावनाएँ, अनुभव, जानकारी आदि दूसरे व्यक्ति (ग्राही) तक पहुँचाता है, ताकि वह उसे समझ सके

🔹 यह केवल बोलने तक सीमित नहीं है।
संप्रेषण बोलकर, लिखकर, संकेतों से, चित्रों से, इंटरनेट से, फोन से या किसी भी माध्यम से हो सकता है।

🔹 उदाहरण:

  • शिक्षक का पढ़ाना – शिक्षक बोलकर और लिखकर छात्रों तक ज्ञान पहुँचाते हैं।

  • दोस्त का दोस्त से बात करना – विचारों का आदान-प्रदान।

  • व्हाट्सऐप पर मैसेज भेजना – लिखकर सूचना भेजना।

  • मुस्कुराना, सिर हिलाना – बिना बोले संकेतों से बात समझाना।


(B) संप्रेषण की परिभाषा (Definition of Communication)

आप इसे सरल शब्दों में यूँ समझ सकते हैं:

“संप्रेषण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा एक व्यक्ति (प्रेषक) अपने विचार, भावनाएँ या संदेश किसी माध्यम के द्वारा दूसरे व्यक्ति (ग्राही) तक पहुँचाता है और बदले में प्रतिक्रिया (Feedback) प्राप्त करता है।”

🔹 इसमें चार मुख्य हिस्से होते हैं:

  1. प्रेषक (Sender) – जो संदेश भेजता है

  2. संदेश (Message) – जो बात या सूचना भेजी जा रही है

  3. माध्यम (Medium) – जैसे बोलना, लिखना, फोन, इंटरनेट

  4. ग्राही (Receiver) – जो संदेश प्राप्त करता है

  5. प्रतिक्रिया (Feedback) – ग्राही का उत्तर या प्रतिक्रिया

🔹 यह परिभाषा क्यों महत्वपूर्ण है?
– क्योंकि संप्रेषण सिर्फ “बात कहना” नहीं है,
बल्कि “दूसरे तक बात पहुँचाना और उसका समझना” भी है।
अगर प्रेषक ने कहा लेकिन ग्राही ने नहीं समझा, तो संप्रेषण पूरा नहीं हुआ।


(C) संप्रेषण की मुख्य विशेषताएँ (Main Features of Communication)

  1. दो या अधिक व्यक्तियों के बीच होता है।

  2. इसमें संदेश या विचार होता है।

  3. यह किसी माध्यम से होता है।

  4. इसका उद्देश्य होता है – समझाना, जानकारी देना, भावनाएँ बाँटना।

  5. इसमें प्रतिक्रिया (Feedback) ज़रूरी होती है – तभी पता चलता है कि संदेश समझा गया या नहीं।


(D) क्यों ज़रूरी है संप्रेषण (Importance)

  • सीखने-सिखाने के लिए

  • मदद लेने या देने के लिए

  • दोस्ती और संबंध बनाने के लिए

  • गलतफहमियाँ दूर करने के लिए

  • टीमवर्क और समाज में जीने के लिए


(E) बच्चों के लिए छोटा सारांश (Quick Recap)

  • संप्रेषण = सूचना/विचार/भावनाएँ भेजना + समझना।

  • यह बोलकर, लिखकर, संकेतों से या चित्रों से हो सकता है।

  • इसमें प्रेषक, संदेश, माध्यम, ग्राही, प्रतिक्रिया शामिल होते हैं।

  • अगर संदेश समझा नहीं गया तो संप्रेषण अधूरा है।

Posted by: Er. Manoj Kumar
Post Date: 28-09-2025 02:18 PM