📘 Chapter 4
Waste Management
Topic 4.2: Sources and Impact of Waste
कचरे के स्रोत और पर्यावरण पर प्रभाव

कचरे के स्रोत

मानव गतिविधियों से कई प्रकार का कचरा उत्पन्न होता है। मुख्य स्रोत हैं:

  1. घरेलू कचरा

    • खाना, प्लास्टिक, कागज, पैकेजिंग सामग्री।

  2. औद्योगिक कचरा

    • रसायन, धातुएँ, जहरीले पदार्थ, धुआँ।

  3. कृषि कचरा

    • फसल अवशेष, खाद, कीटनाशक।

  4. व्यावसायिक कचरा

    • दुकानों, कार्यालयों, होटलों और बाजारों से निकलने वाला कचरा।

  5. निर्माण एवं ध्वस्तीकरण कचरा

    • सीमेंट, ईंटें, लकड़ी, टाइल्स, मलबा।

  6. अस्पताल / चिकित्सा कचरा

    • सिरिंज, पट्टियाँ, दवाइयाँ, बायो- मेडिकल कचरा।

  7. ई-वेस्ट (Electronic Waste)

    • पुराने मोबाइल, कंप्यूटर, टीवी, बैटरियाँ।


कचरे का पर्यावरण पर प्रभाव

  1. भूमि प्रदूषण

    • कचरे के ढेर मिट्टी को दूषित करते हैं और उसकी उर्वरता कम करते हैं।

  2. जल प्रदूषण

    • रसायन और सीवेज नदियों और तालाबों में मिलकर जलीय जीवन को नुकसान पहुँचाते हैं।

  3. वायु प्रदूषण

    • कचरे को जलाने से जहरीली गैसें निकलती हैं, जिससे हवा प्रदूषित होती है।

  4. स्वास्थ्य पर प्रभाव

    • साँस की बीमारियाँ, त्वचा रोग, संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ता है।

  5. वन्यजीवों को खतरा

    • जानवर प्लास्टिक या जहरीला कचरा खा लेते हैं, जिससे उनकी मृत्यु तक हो सकती है।

  6. जलवायु परिवर्तन

    • कचरे के सड़ने से मीथेन गैस निकलती है, जो ग्रीनहाउस गैस है और ग्लोबल वार्मिंग बढ़ाती है।

Posted by: Er. Manoj Kumar
Post Date: 16-11-2025 01:32 PM